इस पावन परिसर के कण कण से तेज छिटकता है , जिसमे श्री राम प्रताप शर्मा का उत्सर्ग छलकता है , है मधु की शीतलता , रेनू का अनुपम तेज है ममता मयी प्रियंका, अद्भुत है ये मेल , अवनीश नारियल सम , जिनकी थपकी मे भी प्यार , चिन्तन करते सदैव हमारा वरुण कुमार , कर्म ही पूजा,धर्म ही पूजा, सिखलाते सर्वेश हर पल रहो धैर्यशील पग पग पर बतलाते राजेश, देश की रक्षा देश की सेवा भाव है मेजर चितरंजन का, अंधेरे मे भी राह दिखाना परम उद्देश्य है उमेश चन्द्र काला का, रवि का तेज लिये हर क्षण , आलोकित करते रवीन्द्र, सदैव सुकोमल वाणी से अभिसिंचित करते कृष्ण चन्द्र, मन का भय , मन का सूना पन हर ले जातेे विनोद , दीक्षित की दीक्षा से मिल जाते पथ अनेक , हम धन्य धन्य अपने को आज समझते है , जो इनकी मृदु छाया मे हम, जीवन का पथ रचते है। Aayush raj tiwari