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Showing posts from September, 2018

~ तुम्हारी याद ~

आज फिर से तुम्हारी याद आयी है कुछ पुरानी मुलाकात याद आयी है बेबसी दिल की किससे कहूं इस तनहाई में आंख मेरी भर आयी है आज फिर से तुम्हारी याद आयी है कुछ पुरानी मुलाकात याद आयी है।। मेरी सांसों में तेरी ख़ुशबू फिर से आयी है ख़्वाबों में तू ही एक बार फिर से छायी है अपनी मोहब्बत का इज़हार किससे करू आज ज़ुबा की भी साथ देने से मनाही है आज फिर से तुम्हारी याद आयी है कुछ पुरानी मुलाकात याद आयी है।। आयुष राज "विजय" ...✍️

~ तनहाई ~

रात की तन्हाईयां ख़्वाबों बिना रूखी आँखें आँसुओ ने आंखों में पनाह ली है .. वो न समझा मुझे किस क़दर मशरूफ था उसमें उसने तो हमसे हमारी पहचान ली है। रात की तन्हाईयां ख़्वाबों बिना रूखी आँखें आँसुओ ने आंखों में पनाह ली है .. तनहा तो था पर यू तनहा न था अकेला था मगर कभी बहका न था न जाने क्या ख़ास था जो मैं सब हार गया उस पर अनजाने ही सही पर उसने हमसे हमारी जान ली है रात की तन्हाईयां ख़्वाबों बिना रूखी आँखें आँसुओ ने आंखों में पनाह ली है ..                                         अभी जारी है.....✍️ आयुष राज "विजय"

प्यार (एक दरिया)

हमारे दिल मे तेरी ही यादों का ठिकाना है प्यार के इस दरियां में हमको बहते जाना है इश्क़ करना यू हर किसी के वश की बातें है नही... जमाने को नही खुद को खुद ही भूल जाना है। आयुष राज "विजय"