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Showing posts from September, 2017

•~ संघर्ष ~•

ऐ जिंदगी यू हमे बदनाम न कर अभी तो जीना सीखा है,  परेशान न कर। संघर्षो के बीच हमे चलने तो दे पाव को जंजीरो से यू बेजार न कर।। आयुष राज "विजय"

•~ हाल-ए-दिल ~•

हमने उनसे हाल-ए-दिल क्या कहा, कि वो मुस्कुराये,सुनकर चले गये, अब उनके यू चले जाने को क्या समझे, कि उन्होंने इनकार या इकरार क्या कहा।। आयुष राज "विजय"

•~ उदास लम्हे ~•

उदास लम्हे,तन्हाई का आलम है, बेजुबां लब,नम आंखों की निशानी है, इश्क़ में टूटा किस कदर दिल, मेरी खामोशी ही उसकी कहानी है। आयुष राज "विजय"