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Showing posts from March, 2019

नारी..

उठो हे शक्ति अब व्रत तोड़ो इन दुष्टो का संघार करो तुम्हे किसी की क्या जरूरत तुम खुद ही अपना हथियार बनो इस कलयुग में कोई कृष्ण न आएंगे जो द्रोपदी का फिर चीर बढ़ाएंगे सो अब खुद खड्ग,तीर,तलवार उठाओ कलयुग के दुर्योधन का मान मिटाओ कर अंत दुष्ट का फिर से सृष्टि का सार बनो तुम खुद ही अपना हथियार बनो उठो हे शक्ति अब व्रत तोड़ो इन दुष्टो का संघार करो।।                              आयुष राज "विजय"

अभिनंदन का अभिवंदन...✍️

                      अभिनंदन के अदम्य  शौर्य का अभिवंदन हैं जो  गर्जा ना-पाक पर आकाश से उस अभिनंदन के  वीर पराक्रम  का अभिवंदन हैं अभिनंदन के अदम्य  शौर्य का अभिवंदन हैं काँपा जिससे दुश्मन,हर दांव था जिसका भारी उसका पाकिस्तान बिगाड़े क्या जिसके थे इरादे फ़ौलादी करते हम  अभिनंदन के  उस साहस का अभिवंदन हैं। अभिनंदन के अदम्य  शौर्य का अभिवंदन हैं आयुष राज "विजय"