Skip to main content

Posts

Showing posts from March, 2016

~• तारीफ क्या करू बोलो •~

उस खुदा की तारीफ  क्या करू  बोलो ,  जिसने ऐसी मूरत बनाई है , उस चमकते चाँद की तारीफ क्या करू  बोलो , जिसने सूरत तेरी दिखाई है , उस मचलती झील की तारीफ क्या करू  बोलो , जिसने आँखे तेरी दिखाई है , उस लहरती नदी की तारीफ क्या करू  बोलो , जिसने अदा तेरी दिखाई है , उस हवा की मै तारीफ क्या करू  बोलो , जिसने खुशबू तेरी फैलाई है ।।                                                           ~ आयुष राज तिवारी ~

•~ ये कहानी बन गयी ~•

अपने पर काबू ना रहा मेरा , बचपन जब जवानी बन गयी , दिल की नादानी से , ये कहानी बन गयी ।। दिल घायल हुआ मेरा , उनकी चस्मक से , कुछ- कुछ हुआ दिल मे , उनकी दस्तक से , शायद वो भी आयुष की फिदाई बन गयी , दिल की नादानी से , ये कहानी बन गयी ।। मन को शुकून ना था , एक तिन्श्रगी थी मन मे , नर्गिस मे डूबने की , तमन्ना थी मन मे , चाहत वो मेरी ऐसी बन गयी , दिल की नादानी से , ये कहानी बन गयी ।। ~ आयुष राज तिवारी ~"विजय"