उस खुदा की तारीफ क्या करू बोलो , जिसने ऐसी मूरत बनाई है , उस चमकते चाँद की तारीफ क्या करू बोलो , जिसने सूरत तेरी दिखाई है , उस मचलती झील की तारीफ क्या करू बोलो , जिसने आँखे तेरी दिखाई है , उस लहरती नदी की तारीफ क्या करू बोलो , जिसने अदा तेरी दिखाई है , उस हवा की मै तारीफ क्या करू बोलो , जिसने खुशबू तेरी फैलाई है ।। ~ आयुष राज तिवारी ~
" हक में हमारे, अपने पल कर दो - तुम संग ही बीते,ऐसे सारे कल कर दो ....✍🏻आयुष राज "विजय" (मुहब्बत का कवि हूँ, समाज को आइना भी दिखाता हूँ )