प्यार इक रास्ता है, मंजिल तो नही अपने कुछ खास होते है, हर कोई अपना तो नही प्यार इक रास्ता है, मंजिल तो नही किसी मे कुछ ढूढते हो, तो खुद को ना भूल जाना प्यार तो इक दरिया है, तुम इसमे ना डूब जाना इसको पार करना यूं अांसा तो नही प्यार इक रास्ता है, मंजिल तो नही अपने कुछ खास होते है, हर कोई अपना तो नही आशिकी के इस्तियाक मे, बस इतना याद रखना जब तन्हाई मिले तो , खुद को खुद के पास रखना क्योकि टूटे दिल के साथ,मुकम्मल जिन्दगी तो नही प्यार इक रास्ता है, मंजिल तो नही अपने कुछ खास होते है, हर कोई अपना तो नही आयुष राज '' विजय "
" हक में हमारे, अपने पल कर दो - तुम संग ही बीते,ऐसे सारे कल कर दो ....✍🏻आयुष राज "विजय" (मुहब्बत का कवि हूँ, समाज को आइना भी दिखाता हूँ )