15 अगस्त 1947 को हमारे देश के आधुनिक भारत के नौ जीवन का आगाज हुआ।समूचा भारत हर्षोल्लास से ओत-प्रोत था।एक द्वि:स्वप्न पीछे छूट चुका था, और एक आज़ादी का प्रकाश पुंज बाहें फैला कर हमारा स्वागत कर रहा था।सभी भारतवासी के मन मे राम राज्य की कल्पना थी,और वह कह रहा था - "अब न कभी डर होगा,न अँधेरा होगा, उल्लवल होगा वर्तमान, और एक नया सवेरा होगा" दोस्तो आज आज़ादी के सातवें दशक में हम प्रवेश कर चुके है,भारत वही है,भारतीयता वही है,किन्तु आज का भारतवासी कह रहा है कि - "हे जन गण मन के गान तुम्हारा क्या होगा मेरे देश महान तुम्हारा क्या होगा हे पुरखों के सम्मान तुम्हारा क्या होगा प्यारा हिंदुस्तान तुम्हारा क्या होगा " आज देश की दशा और दिशा दोनो बदल चुके है,हमारा समाज आज...
" हक में हमारे, अपने पल कर दो - तुम संग ही बीते,ऐसे सारे कल कर दो ....✍🏻आयुष राज "विजय" (मुहब्बत का कवि हूँ, समाज को आइना भी दिखाता हूँ )