जिन्दगी को तुझपे एतबार है , तुम बिना दिल बेकरार है । जिस दिन से दिल तुम्हारा हुआ, जिन्दगी का हर पल तुम्हारा हुआ , तिन्श्रगी हमारी बेशुमार है तुम बिना दिल बेकरार है, जिन्दगी को तुझपे एतबार है , तुम बिना दिल बेकरार है । हाल-ए-दिल हमारा ऐसा हुआ, तड़पती प्यासी धरती जैसा हुआ, तुम्हारे आने का इन्तजार है, तुम बिना दिल बेकरार है, जिन्दगी को तुझपे एतबार है , तुम बिना दिल बेकरार है । ~ आयुष राज तिवारी ~
" हक में हमारे, अपने पल कर दो - तुम संग ही बीते,ऐसे सारे कल कर दो ....✍🏻आयुष राज "विजय" (मुहब्बत का कवि हूँ, समाज को आइना भी दिखाता हूँ )