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Showing posts from August, 2020

~ क़िस्मत ~

क़िस्मत पे यक़ीन इतना... रखना, असफ़लताओ में भी हौसला रखना, मेहनत से बंद रस्ते भी खुल जाते है चंद ठोकरों से जिंदगी नही रुकती ये ख्याल रखना।।                                                           आयुष राज "विजय"

~• दोस्त•~

ठोकरें खाकर मेरे कदम जब डगमगाते है ये फ़रिश्ता मुझे हर बार थाम लेता है हाँ ये वही दोस्त है, जो मेरे हिस्से के भी दुःख उठा लेता है, खुशी के अपने पलो को,मेरे हिस्से में लाता है अच्छा दोस्त ही हमारे भटकते कदमो को सच्चे राह पर लाता है।। ये फ़रिश्ता मुझे हर बार थाम लेता है। आयुष राज "विजय"