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Showing posts from February, 2017

~ ऐ हवा ऐ हवा गुनगुना तू जरा.. ~

ऐ हवा ऐ हवा गुनगुना तू जरा  ऐ हवा ऐ हवा गुनगुना तू जरा।।  रातो की नीदें मेरी यू ना चुरा,  ऐ हवा ऐ हवा गुनगुना तू जरा...........  मेरे ख्वाबो को मुझसे तू मिला,  ऐ हवा ऐ हवा गुनगुना तू जरा...........  वक्त ठहरा पल है ठहरा,  ठहरा जमीं आंसमा..  ऐ हवा ऐ हवा गुनगुना तू जरा...........  मैंने खुद को खुद में ढूढा,  पर न जाने गुम हूं कहां..  ऐ हवा ऐ हवा गुनगुना तू जरा...........  वो मिले दिल मिले,  इश्क का मुकम्मल हो जहां..  ऐ हवा ऐ हवा गुनगुना तू जरा...........  जिन्दगी यू चल पड़े,चल पड़े ये समां,  ऐ हवा ऐ हवा गुनगुना तू जरा।  ऐ हवा ऐ हवा गुनगुना तू जरा।।  Aayush "vijay"  

~ दिल मुझे समझाता रहा ~

दिल मुझे मै उसे समझाता रहा, पर ना माना कोई प्यार करता रहा,  दिल मुझे मै उसे समझाता रहा।  एक पल ऐसा रहा जब कोई  एक चेहरा निगाहों ने देखा किया,  उसकी रंगत निगाहों ने देखा किया,  दूर होकर भी तू पास रहता रहा दिल मुझे मै उसे समझाता रहा।  पर ना माना कोई प्यार करता रहा।।  मौशिकी का मजा मुझे आता रहा अपने निगाहों में सपने सजाता रहा,  सपने सच हो ये दुआ मांगता मै रहा,  दिल मुझे मै उसे समझाता रहा।  पर ना माना कोई प्यार करता रहा।।  Aayush "vijay"