दिल मुझे मै उसे समझाता रहा,
पर ना माना कोई प्यार करता रहा,
दिल मुझे मै उसे समझाता रहा।
एक पल ऐसा रहा जब कोई
एक चेहरा निगाहों ने देखा किया,
उसकी रंगत निगाहों ने देखा किया,
दूर होकर भी तू पास रहता रहा
दिल मुझे मै उसे समझाता रहा।
पर ना माना कोई प्यार करता रहा।।
मौशिकी का मजा मुझे आता रहा
अपने निगाहों में सपने सजाता रहा,
सपने सच हो ये दुआ मांगता मै रहा,
दिल मुझे मै उसे समझाता रहा।
पर ना माना कोई प्यार करता रहा।।
Aayush "vijay"
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