मुद्दत-ओ के बाद मेरा वो प्यार मिला, कुछ देर से ही सही पर तेरा दीदार मिला.. 2 खुशबुएँ महक रही है, चमन-ए-गुलशन में, तेरी मौजूदगी का जब उन्हें एहसास मिला, मुद्दत-ओ के बाद मेरा वो प्यार मिला, कुछ देर से ही सही पर तेरा दीदार मिला.. 2 अनसुलझे सवालो का तू जवाब मिला, कुछ बाकी ना रहा तेरी बाहों का जो आगोस मिला, खो गए हम कुछ इस कदर तुम में, जब तेरी जुल्फ की घटाओं का छाव मिला, मुद्दत-ओ के बाद मेरा वो प्यार मिला, कुछ देर से ही सही पर तेरा दीदार मिला.. आयुष राज"विजय"
" हक में हमारे, अपने पल कर दो - तुम संग ही बीते,ऐसे सारे कल कर दो ....✍🏻आयुष राज "विजय" (मुहब्बत का कवि हूँ, समाज को आइना भी दिखाता हूँ )