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Showing posts from September, 2016

~• ऐ हवा कभी तो ...•~

ऐ हवा कभी तो मेरे भी पास आ  खुशबू ये कुछ खास तू महका भी जा , मेरा दिल फिरे अावारा सा हर जगह मिले कोई आशियाना इसे तो जरा । ऐ हवा कभी तो मेरे भी पास आ  खुशबू ये कुछ खास तू महका भी जा ।। दिल पे तो अब मेरे, मेरा कोई बस नही धड़कता है तो ये बस उनके लिये ढूढे उन्हे है ये बस अब दर-ब-दर कोई इसे समझाये तो जरा । ऐ हवा कभी तो मेरे भी पास आ  खुशबू ये कुछ खास तू महका भी जा ।। नादान है ये इसे तो कुछ खबर नही होना तो परेशान है मुझे हर पल हर घड़ी उस वक्त का तो इसे कुछ इल्म नही ऐ दिल संभल तो जा तू जरा । ऐ हवा कभी तो मेरे भी पास आ  खुशबू ये कुछ खास तू महका भी जा ।। Aayush raj " Vijay "

~•मेरा तसव्वुर •~

हम तो इश्क की सुबह से रूबरू हुये  शाम का ख्याल तक न था रात भी तो आती है, पर हमे आने वाले सुबह का एहसास भी था। हम तो इश्क की सुबह से रूबरू हुये  शाम का ख्याल तक न था।। प्यार की बरसात मे हम भीगे हुये फिर आयेगी धूप इसका ख्याल तक न था जमी के भीग जाने पर मिट्टी से आने वाली सौधी खुशबू का इंतजार भी था। हम तो इश्क की सुबह से रूबरू    हुये  शाम का ख्याल तक न था।। अब बरसात भयावह रूप लेते हुये कर जायेगी सब कुछ तबाह इसका ख्याल न था पर हर दुख के बाद सुख आता है इसलिए अंधेरे के बाद आने वाले उजाले का इंतजार भी था । हम तो इश्क की सुबह से रूबरू  हुये  शाम का ख्याल तक न था।।                       आयुष राज "विजय"

~• अंजाम-ए-इश्क •~

चाहत को मेरी वो यू ठुकरा गये इन आंखो मे आंसुओ को पनाह दे गये आरजू थी उनके जैसे हमसफर की पर सफर मे हमे वो अकेला छोड़ गये। चाहत को मेरी वो यू ठुकरा गये इन आंखो मे आंसुओ को पनाह दे गये।। दिखा ना सकू किसी को ऐसा जख्म दे गये प्यार नही है कह कर बेगाना बना गये हम तो उन पलो को भुला ना सकेगे जिस पल हमारे सपने को वो हमसे जुदा कर गये। चाहत को मेरी वो यू ठुकरा गये इन आंखो मे आंसुओ को पनाह दे गये।। छेड़ी थी धुन इक प्यार की जिसे अनसुना कर गये हमारी वफाओ का वो हमे ऐसा सिला दे गये हमारी कमियों को हमसे बयां तो किया होता पर न जाने क्यू हमसे वो इतना खफा हो गये। चाहत को मेरी वो यू ठुकरा गये इन आंखो मे आंसुओ को पनाह दे गये।। Aayush raj " Vijay" 

Teachers day special (FGP)

इस पावन परिसर के कण कण से तेज छिटकता है , जिसमे श्री राम प्रताप शर्मा का उत्सर्ग छलकता है , है मधु की शीतलता , रेनू का अनुपम तेज है ममता मयी प्रियंका, अद्भुत है ये मेल , अवनीश नारियल सम , जिनकी थपकी मे भी प्यार , चिन्तन करते सदैव हमारा वरुण कुमार , कर्म ही पूजा,धर्म ही पूजा, सिखलाते सर्वेश हर पल रहो धैर्यशील पग पग पर बतलाते राजेश, देश की रक्षा देश की सेवा भाव है मेजर चितरंजन का, अंधेरे मे भी राह दिखाना परम उद्देश्य है उमेश चन्द्र काला का, रवि का तेज लिये हर क्षण , आलोकित करते रवीन्द्र, सदैव सुकोमल वाणी से अभिसिंचित करते कृष्ण चन्द्र, मन का भय , मन का सूना पन हर ले जातेे विनोद , दीक्षित की दीक्षा से मिल जाते पथ अनेक , हम धन्य धन्य अपने को आज समझते है , जो इनकी मृदु छाया मे हम, जीवन का पथ रचते है। Aayush raj tiwari