ये चमन ये समां मुस्कुराते रहे, उम्र भर हम तुम्हे यूं चाहते रहे।। प्यार का ये खुमार न कम हो कभी, हम तुम्हे जिस्म-ओ-जां में बसा के रखे, अपनी पलको में तुमको छुपाये रहे, ये चमन ये समां मुस्कुराते रहे, उम्र भर हम तुम्हे यूं चाहते रहे।। तेरे बिन कोई पल गवारा नही, वक़्त का ना हो पहरा, ना हो बंदिशे कोई -2 तुम हमारे रहो.. हम तुम्हारे रहे, ये चमन ये समां मुस्कुराते रहे, उम्र भर हम तुम्हे यूं चाहते रहे।। खुद के दिल पे मेरा कोई बस ना रहा, धड़कता है अब तो बस तुम्हारे लिए, तेरे प्यार की तिश्नगी मुझमे यूं ही रहे, ये चमन ये समां मुस्कुराते रहे, उम्र भर हम तुम्हे यूं चाहते रहे।। आयुष राज "विजय"
" हक में हमारे, अपने पल कर दो - तुम संग ही बीते,ऐसे सारे कल कर दो ....✍🏻आयुष राज "विजय" (मुहब्बत का कवि हूँ, समाज को आइना भी दिखाता हूँ )