हमारी रातों से कुछ यूं मुलाकात होती है जब हम जगते है ,बाकी सारी दुनिया सोती है ज़नाब हम रेलवे कर्मचारी है अब रातों को भी ये आंखे कहा सोती है हमारी रातों से कुछ यूं मुलाकात होती है जब हम जगते है ,बाकी सारी दुनिया सोती है लोगो के नज़रिये में हमारी जिंदगी औरो से बेहद खास होती है उनका कहना,करना क्या बैठे बैठे हमे तनख्वाह मिलती है उनसे अब कहू भी तो क्या कहू... हमारी राते उनको ही गन्तव्य तक पहुचाने में कुर्बान होती है हमारी रातों से कुछ यूं मुलाकात होती है जब हम जगते है ,बाकी सारी दुनिया सोती है यूं तो नौकरियों में हफ्ते की एक छुट्टी जो हर रविवार होती है हफ्ते की छुट्टी तो छोड़ो त्योहारों में भी हमपर ड्यूटी की जिम्मेदारी होती है सारी दुनिया होली,दीपावली मनाये परिवार संग इसके लिए हमारी दीपावली पटाखा सिंग्नल तो हरे-लाल हाथ सिंगनलो के एक्सचेंज संग होली होती है हमारी रातों से कुछ यूं मुलाकात होती है जब हम जगते है ,बाकी सारी दुनिया सोती है लोगो की मित्रो,रिश्तेदारो संग बैठक ,मुलाकात होती है हमारी रोज इंजन और सिंगनलो से बात होती है गर्मी,सर्द...
" हक में हमारे, अपने पल कर दो - तुम संग ही बीते,ऐसे सारे कल कर दो ....✍🏻आयुष राज "विजय" (मुहब्बत का कवि हूँ, समाज को आइना भी दिखाता हूँ )