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Showing posts from July, 2018

अधूरी जिंदगी...

http://epaper.navbharattimes.com/details/823-27464-1.html तुम मेरा प्यार हो, जिंदगी का साज हो तुम बिना जिंदगी अधूरी मेरी।। -2 तुम मेरे आस हो ,हसरतो की प्यास हो रूह का स्पर्श, ताजा एहसास हो तुम मेरा प्यार हो, जिंदगी का साज हो तुम बिना जिंदगी अधूरी मेरी।। तुम मेरे साथ हो,धड़कनों के पास हो प्यार का नूर , कोहिनूर हो तुम मेरा प्यार हो, जिंदगी का साज हो तुम बिना जिंदगी अधूरी मेरी।। तुम मेरा ख्वाब हो,मेरा इंतजार हो दीप हो याद का,चांदनी रात हो तुम मेरा प्यार हो, जिंदगी का साज हो तुम बिना जिंदगी अधूरी मेरी।। तुम मेरी तिश्नगी हो,मेरी चाह हो तुम मेरे इज़हार का इकरार हो तुम मेरा प्यार हो, जिंदगी का साज हो तुम बिना जिंदगी अधूरी मेरी।। -2                                                                                        आयुष राज "विजय...

आ़बरू..-समाज को आइना

आज हम खुद अपनी नज़रों में गिर गए हवस में आकर वहशीपन पे गिर गए सोचा न की ये भी तो किसी की बहन या बेटी है हैवानियत में हम किस कदर   गन्दे दलदल में गिर गए ।।                                                     आयुष राज"विजय"

बस यूं ही....

कभी-कभी कही खो से जाता हूं सोचता हूं कुछ,कर कुछ और जाता हूं इस कदर "वो"काबिज है मेरे ख्यालो में. उसको पाने की चाहत में खुद को भूल जाता हूं।। आयुष राज "विजय"