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Showing posts from August, 2017

•~ उड़ान ~•

बंदिशे बहुत है ,सामाजिक,रीति-रिवाजों की। कोशिश की इक उड़ान भरो तो, आसमां को इंतजार है, तुम्हारे कदम चूमने की।। आयुष राज "विजय"

दिल से..

मेरे सासों में बसी खुशबू,  धड़कते दिल की धड़कन हो।  अरमानो के मेरे पंख,ख्वाबो के नए रंग हो। चाहता हूँ बड़ी शिद्द्त से तुझे मै,  आइने में चेहरे की मेरे तुम तस्वीर हो। Aayush"vijay"