हमने भी कलम थामी है, हर बात लिखे जाऊंगा अपने जज़्बात लिखे जाऊंगा ख़यालात लिखे जाँऊगा जो तुझसे ना मिला प्यार उसका इज़हार लिखे जाऊंगा हमने भी कलम थामी है, हर बात लिखे जाऊंगा।। बीते अपने मुलाकात लिखे जाऊंगा प्यार भरी हर बात लिखे जाऊंगा तेरे ना होने से हुए अपने हालात लिखे जाऊंगा हमने भी कलम थामी है, हर बात लिखे जाऊंगा।। तू साथ नही तनहाई के ,लम्हात लिखे जाऊंगा वो ख़्वाब ,वो चांदनी रात लिखे जाऊंगा अपने रिश्ते के दिन थोड़े ही सही उसपर इक किताब लिखे जाऊंगा हमने भी कलम थामी है, हर बात लिखे जाऊंगा।। आयुष राज "विजय "
" हक में हमारे, अपने पल कर दो - तुम संग ही बीते,ऐसे सारे कल कर दो ....✍🏻आयुष राज "विजय" (मुहब्बत का कवि हूँ, समाज को आइना भी दिखाता हूँ )