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Showing posts from December, 2020

हमने भी कलम थामी है .....

हमने भी कलम थामी है, हर बात लिखे जाऊंगा अपने जज़्बात लिखे जाऊंगा ख़यालात लिखे जाँऊगा जो तुझसे ना मिला प्यार उसका इज़हार लिखे जाऊंगा हमने भी कलम थामी है, हर बात लिखे जाऊंगा।। बीते अपने मुलाकात लिखे जाऊंगा प्यार भरी हर बात लिखे जाऊंगा तेरे ना होने से हुए अपने हालात लिखे जाऊंगा हमने भी कलम थामी है, हर बात लिखे जाऊंगा।। तू साथ नही तनहाई के ,लम्हात लिखे जाऊंगा वो ख़्वाब ,वो चांदनी रात लिखे जाऊंगा अपने रिश्ते के दिन थोड़े ही सही उसपर इक किताब लिखे जाऊंगा हमने भी कलम थामी है, हर बात लिखे जाऊंगा।।                                                  आयुष राज "विजय "  

कुछ ख़्वाब अधूरे होते है...✍🏻

कुछ ख़्वाब अधूरे होते है जीवन के कुछ पन्ने कोरे होते है खुशियों की चाहत हम हर पल करते है पर कुछ पल उनमे धोखे होते है कुछ ख़्वाब अधूरे होते है जीवन के कुछ पन्ने कोरे होते है।। मैंने साथ तुम्हारा मांगा था कुछ पल प्यार तुम्हारा मांगा था खोकर रातों की नीदें ,चाँद निहारा करता था अब तो दिन भी रूखे रूखे होते है कुछ ख़्वाब अधूरे होते है जीवन के कुछ पन्ने कोरे होते है।। दिल की तन्हाई को साथ तुम्हारा मिलना था प्यार भरी राहों पर संग संग दोनों को चलना था अब भी वे राहें राह हमारी तकती होगीं ढूढ़ती होगीं उन कदमों को जो साथ हरकदम होते हैं कुछ ख़्वाब अधूरे होते है जीवन के कुछ पन्ने कोरे होते है।। इजहार-ए-मोहब्बत हमने किया,एतबार तुम्हे तो करना था चाहा था प्यार तुम्हारा हमने,इकरार तुम्हें तो करना था तेरी हर ख्वाहिश पर सौ बार निछावर हो जाता  तेरी इक हां पर मै क्या न कर जाता पर हर किस्से कहा पूरे होते है कुछ ख़्वाब अधूरे होते है जीवन के कुछ पन्ने कोरे होते है।।                                         आयुष राज...