आशिकी का मजा ,मुझे आता रहा ,
पर मै प्यार अपना , तुझसे छुपाता रहा ,
खत्म ना हो मेरी आशिकी का जुनून ,
इस लिए मै तुझे , गुनगुनाता रहा ,
आशिकी का मजा ,मुझे आता रहा ,
पर मै प्यार अपना , तुझसे छुपाता रहा ।।
रातो को आसमां के , तारे गिनता रहा ,
बागों से कलिया प्यार , की चुनता रहा ,
मै तुम्हारे मे था इतना खोया हुआ ,
तेरी यादो मे मै , मुस्कुराता रहा ,
आशिकी का मजा ,मुझे आता रहा ,
पर मै प्यार अपना , तुझसे छुपाता रहा ,
~• आयुष राज तिवारी •~
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