आज फिर से तुम्हारी याद आयी है
कुछ पुरानी मुलाकात याद आयी है
बेबसी दिल की किससे कहूं
इस तनहाई में आंख मेरी भर आयी है
आज फिर से तुम्हारी याद आयी है
कुछ पुरानी मुलाकात याद आयी है।।
मेरी सांसों में तेरी ख़ुशबू फिर से आयी है
ख़्वाबों में तू ही एक बार फिर से छायी है
अपनी मोहब्बत का इज़हार किससे करू
आज ज़ुबा की भी साथ देने से मनाही है
आज फिर से तुम्हारी याद आयी है
कुछ पुरानी मुलाकात याद आयी है।।
आयुष राज "विजय" ...✍️
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