हमारी रातों से कुछ यूं मुलाकात होती है
जब हम जगते है ,बाकी सारी दुनिया सोती है
ज़नाब हम रेलवे कर्मचारी है
अब रातों को भी ये आंखे कहा सोती है
हमारी रातों से कुछ यूं मुलाकात होती है
जब हम जगते है ,बाकी सारी दुनिया सोती है
लोगो के नज़रिये में हमारी जिंदगी औरो से बेहद खास होती है
उनका कहना,करना क्या बैठे बैठे हमे तनख्वाह मिलती है
उनसे अब कहू भी तो क्या कहू...
हमारी राते उनको ही गन्तव्य तक पहुचाने में कुर्बान होती है
हमारी रातों से कुछ यूं मुलाकात होती है
जब हम जगते है ,बाकी सारी दुनिया सोती है
यूं तो नौकरियों में हफ्ते की एक छुट्टी जो हर रविवार होती है
हफ्ते की छुट्टी तो छोड़ो त्योहारों में भी हमपर ड्यूटी की जिम्मेदारी होती है
सारी दुनिया होली,दीपावली मनाये परिवार संग इसके लिए
हमारी दीपावली पटाखा सिंग्नल
तो हरे-लाल हाथ सिंगनलो के एक्सचेंज संग होली होती है
हमारी रातों से कुछ यूं मुलाकात होती है
जब हम जगते है ,बाकी सारी दुनिया सोती है
लोगो की मित्रो,रिश्तेदारो संग बैठक ,मुलाकात होती है
हमारी रोज इंजन और सिंगनलो से बात होती है
गर्मी,सर्दी या फिर बरसात, हमे अपना कर्तव्य निभाना होता है
पटरियों पर दौड़ती ट्रेनों संग खुद को दौड़ाना होता है
बस इन्ही सब मे ज़िन्दगी के कुछ पल घर तो, बाकी रनिंग रूम में बसर होती है
हमारी रातों से कुछ यूं मुलाकात होती है
जब हम जगते है ,बाकी सारी दुनिया सोती है
फर्ज और जिम्मेदारिया चंद पंक्तियों में कहा बयां होती है
कहने को तो बहुत है पर इतनी बात कहा होती है
खुद से ही मिले हुए अरसा गुजर गया
जिम्मेदारिया निभाते निभाते अब अपनो से भी कहा बात होती है
हमारी रातों से कुछ यूं मुलाकात होती है
जब हम जगते है ,बाकी सारी दुनिया सोती है
आयुष राज "विजय"

Comments
Hm apni zindgi aise hi kavitay likhkar jeete h
Janab hm rail karmchari h
Hm apni zindgi aise hi kavitay likhkar jeete h
Janab hm rail karmchari h
Best of luck bro.
Nice line
Love you bro
Janab ham bhi rail karmchari hai
..bahut khub likhe Tiwari Ji keep it up.��